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व्यापार क्यों नहीं चलता, व्यापार में सफलता क्यों नहीं मिलती? यह एेसे प्रश्न हैं, जिन से कमोवेश 70-80 प्रतिशत जातक परेशान हैं, आईये हम आपको इस समस्या का ज्योतिषीय कारण बताते हैं- मित्रों बुध ग्रह को व्यापार का ग्रह माना गया है, और यदि हम 100 जन्मकुंडलीयों को देखें तो यह ग्रह 50 से 60 प्रतिशत कुण्डलियों में अस्त मिलता है, उनमें यह अस्त ग्रह अपना शुभ फल तो देता नहीं उल्टे रूकावटें अलग से डालता है, अर्थात् व्यापार में सफल नहीं होने देता। यह रूकावटें अनेक प्रकार की होती हैं, जो कि इस ग्रह के अलग-अलग भाव के अनुसार होती हैं, इसलिए इस समस्या के लिए उपाय भी अलग-अलग होते हैं। यह तो बात हुई 50-60 प्रतिशत कुण्डलियों की, शेष 40 या 50 प्रतिशत मामलों में से 20 प्रतिशत में यह बुध किसी न किसी पाप ग्रह, जैसे- मंगल, राहु, केतु, या शनि से पीड़ित होकर पापी बन जाता है, एेसा पापी बुध उसी साथ वाले ग्रह के स्वभाव की तरह पीड़ा देता है, और व्यापार में बाधक बन जाता है, इस प्रकार लगभग 55 प्रतिशत अस्त बुध, 20 प्रतिशत पापी बुध, कुल मिलाकर 75 से 80 प्रतिशत पापी बुध व्यापरियों के लिये किसी न किसी प्रकार से असफलता का कारण बनता है, अतः निष्कर्ष यह है कि केवल 20 से 25 प्रतिशत जातक ही व्यापार में पूर्ण सफल हो सकते हैं।           

लेखक विख्यात ज्योतिषाचार्य— Dr.R.B.Dhawan

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Dr.R.B.Dhawan द्वारा Astrology में प्रकाशित किया गया

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