राशिफल 15-02-2015

.        ।। ॐ ।।
             ||सुप्रभातम्||
………. आज का पंचांग…………..
कलियुगाब्द…………………5116
विक्रम संवत्………………..2071
शक संवत्…………………..1936
मास………………………..फाल्गुन
पक्ष……………………………कृष्ण 
तिथी………………………एकादशी  
संध्या 06.22 पर्यंत पश्चात द्वादशी
तिथि स्वामी…………………..रूद्र
तिथि नित्यदेवी……….निलपताका
रवि………………………उत्तरायण
सूर्योदय……………06.58.56 पर
सूर्यास्त……………06.22.28 पर
नक्षत्र………………………….मूल
योग…………………………..वज्र    
करण………………………….बव 
ऋतु………………………….बसंत
दिन………………………..रविवार

 आंग्ल मतानुसार :-
15 फरवरी सन 2015 ईस्वी ।

💮 तिथी पर्व विशेष :
                विजया एकादशी :-
फाल्गुण मास के कृष्ण पक्ष की एकाद्शी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के शुभ फलों में वृ्द्धि होती है. और पाप कर्मों का नाश होता है
एकादशी व्रत करने से उपावासक व्रत से संबन्धित मनोवांछित फल की प्राप्ति करता है. सभी एकादशी अपने नाम के अनुरुप फल देती है.
एकाद्शी व्रत के विषय में यह मान्यता है, कि एकादशी व्रत करने से स्वर्ण दान, भूमि दान, अन्नदान और गौदान से अधिक पुन्य फलों की प्राप्ति होती है. एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. व्रत पूजन में धूप, दीप, नैवेध, नारियल का प्रयोग किया जाता है.   
विजया एकादशी व्रत में सात धान्य घट स्थापना की जाती है. सात धान्यों में गेंहूं, उड्द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर है. इसके ऊपर श्री विष्णु जी की मूर्ति रखी जाती है. इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को पूरे दिन व्रत करने के बाद रात्रि में विष्णु पाठ करते हुए जागरण करना चाहिए.
व्रत से पहले की रात्रि में सात्विक भोजन करना चाहिए. और रात्रि भोजन के बाद कुछ नहीं लेना चाहिए. एकादशी व्रत 24 घंटों के लिये किया जाता है. व्रत का समापन द्वादशी तिथि के प्रात:काल में अन्न से भरा घडा ब्राह्माण को दिया जाता है. यह व्रत करने से दु:ख-और दारिद्रय दूरे होते है. और अपने नाम के अनुसार विजया एकादशी व्यक्ति को जीवन के कठिन परिस्थितियों में विजय दिलाती है.

🔯 शुभ अंक……………….3 
♍ शुभ रंग…………..नारंगी  

💮 राहुकालः-
सायं 04.43 से 06.06 तक ।

💮 खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय :-
सायं 06.06 से 07.43 तक ।

💮 दिशाशूल :-
पश्चिमदिशा – यदि आवश्यक हो तो दलिया का सेवनकर यात्रा प्रारंभ करें।

💮 चौघडिया :-
प्रात: 08.27 से 09.50 तक चंचल
प्रात: 09.50 से 11.12 तक लाभ
प्रात: 11.12 से 12.35 तक अमृत
दोप. 01.58 से 03.20 तक शुभ
सायं 06.06 से 07.43 तक शुभ
रात्रि 07.43 से 09.20 तक अमृत
रात्रि 09.20 से 10.57 तक चंचल ।

💮 आज का मंत्रः
।। ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौ सः सूर्याय नम:  ।।

📢 संस्कृत सुभाषितानि:-
परवाच्येषु निपुण:
सर्वो भवति सर्वदा।
आत्मवाच्यं न जानीते
जानन्नपि च मुह्मति॥
अर्थात : दूसरों के बारे में बोलने में सभी हमेशा ही कुशल होते हैं पर अपने बारे में नहीं जानते हैं, यदि जानते भी हैं तो गलत ही॥

🍃 आरोग्यं :-

धनिए की छोटी- छोटी पत्तियां के औषधिय गुण :-

– धनिया की पत्तियों में एंटी टय़ुमेटिक और एंटी अर्थराइटिस के गुण होते हैं। यह सूजन कम करने में बहुत मददगार होता है, इसलिए जोड़ों के दर्द में राहत देता है।

– इसके एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है इसीलिए अगर चेहरे पर मुंहासे हो तो धनिए की हरी पत्तियों को पीसकर उसमें चुटकीभर हल्दी पाउडर मिलाकर लगाने से लाभ होता है। यह त्वचा की विभिन्न समस्याओं जैसे एक्जीमा, सुखापन और एलर्जी से राहत दिलवाता है।

– हरा धनिया वातनाशक होने के साथ-साथ पाचन शक्ति भी बढ़ाता है। धनिया की हरी पत्तियां पित्तनाशक होती हैं। पित्त या कफ की शिकायत होने पर दो चम्मच धनिया की हरी-पत्तियों का रस सेवन करना चाहिए।

– हरा धनिया की चटनी बनाकर खाई जाती है क्योंकि इसको खाने से नींद भी अच्छी आती है।डायबिटीज से
पीडित व्यक्ति के लिए तो यह वरदान है। यह इंसुलिन बढ़ाता है और रक्त का ग्लूकोज स्तर कम करने में मदद करता है।

💮 आज का राशिफल :-

🐑 राशि फलादेश मेष :-
लेनदेन, कर्ज, खर्च की पूर्णता होगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संभव है। धार्मिक रुचि बढ़ेगी।

🐂 राशि फलादेश वृष :-
धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊँचा करेगी। प्रवास में सावधानी रखना होगी। समाज, परिवार में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी।

👫 राशि फलादेश मिथुन :-
परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। व्यापार के विवादों का निपटारा होने की संभावना। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

🐙 राशि फलादेश कर्क :-
रुका धन मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। योजनाएं फलीभूत होंगी। रोजगार में लोभ-लालच से बचें। वैवाहिक चर्चा सफल रहेगी।

🐯 राशि फलादेश सिंह :-
वाणी पर संयम आवश्यक है। नौकरी में इच्छित पदोन्नति की संभावना है। आर्थिक निवेश एवं बचत में वृद्धि होगी। व्यवसाय अच्छा चलेगा।

🙎 राशि फलादेश कन्या :-
व्यसनों को अपने ऊपर हावी न होने दें। व्यावसायिक निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं दिखाएं। आर्थिक योग मध्यम रहेंगे।

📟 राशि फलादेश तुला :-
पारिवारिक जवाबदारी पर ध्यान दें। परिश्रम का अनुकूल फल नहीं मिल पाएगा। स्वयं का प्रभाव, अनुभवों का लाभ मिलेगा।

🐉 राशि फलादेश वृश्चिक :-
कार्य में किया गया परिश्रम अनुकूल फल प्रदान करेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलने के योग हैं।

🔱 राशि फलादेश धनु :-
आय से अधिक व्यय नहीं करें। दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश जरूरी है।

🐊 राशि फलादेश मकर :-
कई दिनों से रुका पैसा प्राप्त होने के योग हैं। क्रोध पर संयम रखें। परिजनों के स्वास्थ्य व सुविधाओं की ओर ध्यान दें। आमदनी बढ़ेगी।

🍯 राशि फलादेश कुंभ :-
नवीन कार्य में सफलता मिलेगी। कार्य की गति तीव्र होगी। लाभदायक समाचार प्राप्त हो सकेंगे। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा।

🐠 राशि फलादेश मीन :-
आर्थिक कार्य में प्रगति होगी। अपने कर्म पर विश्वास रखते हुए काम करें। खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए।

💮 आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो।

शुभम भवतु — गुरूजी

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Dr.R.B.Dhawan द्वारा Uncategorized में प्रकाशित किया गया

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