लक्ष्मी माता

By, famous Astrologer in India:-  सभी जानते हैं कि, लक्ष्मी (Laxmi) सौभाग्य की देवी हैं, इनकी कृपा से साधारण मनुष्य भी राजा से रंक बन सकता है। परंतु लक्ष्मी है बहुत चंचल! आती बाद में है, जाने के रास्ते पहले ही तैयार होते हैं। इस चंचल लक्ष्मी (Laxmi) को बांधना बहुत कठिन है, जिसने इसे बांध लिया, बस उसका मान-सम्मान अचानक आसमान छूने लगता है, एेसे लगता है जैसे वे रातोंरात ही सर्वगुण सम्पन्न हो गया हो।
शास्त्रों में लक्ष्मी (Laxmi) के अनेक रूप और अनेक वाहन बताये गये हैं। लक्ष्मी (Laxmi) के हर रूप और हर वाहन का अपना अलग-अलग महत्व है, इसका रहस्य फिर किसी लेख में बताऊंगा।
इस लेख में कमल पर बैठी “सौभाग्य-लक्ष्मी” के एक अनुभव को आपके सामने रख रहा हूँ- यदि कोई साधक दीपावली की रात्रि में सिद्ध मुहूर्त (सिंह लग्न के मुहूर्त) में “सौभाग्य-लक्ष्मी कवच” का निर्माण कर ले, तो ही लक्ष्मी आबद्ध होती हैं, अर्थात् लक्ष्मी वहां स्थिर होकर स्थाई निवास करती हैं। परंतु प्रश्न यह है कि, इस गोपनीय विधान की प्राप्ति कैसे हो? इस गोपनीय विधान से सिद्ध “सौभाग्य-लक्ष्मी  कवच” का निर्माण गत वर्ष मैने स्वयं किया था, गत वर्ष मैं केवल 3 कवच ही तैयार कर पाया था। एक स्वयं के लिये दूसरा एक विशेष मित्र के लिये और तीसरा जिसकी किस्मत में होगा उसे दे दूंगा, यह सोचकर तैयार किये थे। मैं समझता हूँ, स्वयं तो मैं 50 प्रतिशत ही संतुष्ट हूँ, परंतु मेरा एक मित्र और एक मेरा शिष्य जिन्हें वे शेष दो “सौभाग्य-लक्ष्मी कवच” दिये थे, उस कवच की तारीफ करते नहीं थकते, मेरे सामने देखते-देखते ही, एक का व्यापार और दूसरे की नौकरी में लगभग दो गुना उन्नति तो अवश्य ही हुई है, तथा वे दोनो इसके प्रभाव से 100 प्रतिशत संतुष्ट हैं। “सौभाग्य-लक्ष्मी कवच” का एेसा सुखद प्रभाव? देखकर मैं स्वयं आश्चर्यचकित हूँ, मन में विचार आता है कि, शायद उन दोनों का कवच की गोपनीयता और सिद्धि पर दृढ विश्वास था उसी का यह परिणाम है, और स्वयं के लिये तो यही कहूँगा कि अपनी दवाई कम ही असर करती है।
खैर जो भी हो, इस वर्ष तो कुछ अधिक “सौभाग्य-लक्ष्मी कवच” तैयार करने का विचार किया है, क्योंकि डिमांड हो रही है।

Experience astrologer in Delhi:- Dr.R.B.Dhawan

Best Astrologer in India, Top Astrologer in Delhi

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