medical astrology

By best Astrologer in India:- ज्योतिषीय उपचार-  मानव जीवन के साथ ही रोग का इतिहास भी आरम्भ हो जाता है, रोगों से रक्षा हेतु मानव ने प्रारम्भ से ही प्रयास आरम्भ कर दिया था। तथा आज तक इसके निदान एवं उपचार हेतु प्रयत्न कर रहा है। जब हैजा, प्लेग, टी. बी. आदि संक्रामक रोगों से ग्रस्त होकर इनसे छुटकारा पाने के लिये विविध प्रकार का अन्वेषण हुआ तो कालांतर में पुनः कैंसर एड्स, डेंगू,  स्वाईन फ्लू, ओर फिर ईबोला जैसे अनेक नये रोग पैदा हो गये हैं, जिनके समाधान एवं उपचार हेतु आज समस्त विश्व प्रयत्नशील है। विडंबना है कि मनुष्य जितना ही प्राकृतिक रहस्यों को खोजने का प्रयत्न करता है, प्रकृति उतना ही अपना विस्तार व्यापक करती चली जाती है। जिससे समाधान के समस्त प्रयास विश्व के लिये नगण्य पड़ जाते हैं, इसका एक कारण मनुष्य में सदाचार का आभाव भी प्रतीत होता है।
हमारे ऋषियों ने जहां अणुवाद, प्रमाणुवाद को  व्याखयायित किया, अध्यात्म की गहराइयों में गोता लगाया, सांख्य के प्रकृति एवं पुरूष से सृष्टि प्रक्रिया को जोड़ा, वहीं आकाशीय ग्रह नक्षत्रों को अपनी समाधी से कोसों दूर धरती पर बैठकर वेधित किया, तथा उनके धरती पर पड़ने वाले शुभाशुभ प्रभाव को मानव जीवन तथा रोगों के साथ जोड़कर व्याखयायित भी किया। विश्व के सर्वप्राचीन ग्रन्थ ऋग्वेद से रोगों का परिज्ञान आरम्भ हो जाता है। जिसमें पाण्डूरोग, ह्रदय रोग, उदररोग, एवं नेत्ररोग की चर्चा प्राप्त होती है। पौराणिक कथाओं में तो विविध रोगों की चर्चा एवं उपचार के लिये औषधि, मंत्र एवं तंत्र आदि का प्रयोग प्राप्त होता है। आर्ष परम्परा में तो रोगों के विनिश्चयार्थ ज्योतिषीय, शास्त्रीय ग्रहयोगों सहित आयुर्वेदीय परम्परा का प्रयोग दर्शनीय है।
मेरी यह पुस्तक “रोग एवं ज्योतिष” (medical astrology) जिसमें अधिकांश रोगों के ज्योतिषीय कारण या कह लीजिये रोगों के ग्रहयोग जो प्राचीन तथा नवीन खोजों पर आधारित हैं दिये गये हैं, साथ ही इन रोगों की शास्त्रीय मंत्रादि द्वारा उपचार भी यथासम्भव दिया गया है। मेरे विचार से यह पुस्तक ज्योतिष का रोगात्मक अध्ययन करने वाले विद्वानों तथा खोज करने, अनुसंधान करने वालो के लिये बहुत सहायक होगी।

       शुक्राचार्य संस्थान द्वारा ज्योर्तिविज्ञान के साथ साथ सरल उपाय की कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित की गई हैं, जिन में प्रमुख हैं —
1. गुरूजी के टोटके
2. गुरूजी की साधनाएँ
3. वास्तु सूत्र
4. कैसे बदलें भाग्य
5. दुर्लभ समृद्धि प्रदायक वस्तुयें
6. भृगु संहिता योग एंव फलादेश
7. लाल किताब योग एंव उपाय
8. ज्योतिष के योग फलादेश
9. रोग एवं ज्योतिष
10. विवाह एवं दाम्पत्य सुख

 Experience astrologer in Delhi:- Dr.R.B.Dhawan,

Top Astrologer in Delhi, best Astrologer in Delhi

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