पंद्रह मुखी रूद्राक्ष, 15 Mukhi Rudraksh

पंद्रह मुखी रूद्राक्ष, 15 Mukhi Rudraksh Nepal, 15 Mukhi Rudraksh Original Nepal,

Dr.R.B.Dhawan (गुरूजी) astrologer, Astrological Consultant, specialist : marriage problems, top best astrologer in delhi

रक्ष जाति के आचार्य shukracharya का वचन है कि- पंद्रहमुखी रूद्राक्ष अत्यन्त दुर्लभ रूद्राक्षों की श्रेणी में आता है। यह रूद्राक्ष परम प्रभावशाली तथा अल्प कालावधि में ही शिवजी को प्रसन्न करने वाला रूद्राक्ष है, यह रूद्राक्ष साक्षात् देवमणि है। गुरू जी (Dr.R.B.Dhawan) और पुराणों के अनुसार पंद्रह विद्या, का साक्षात रूप है। इसमें महादेव की विशेष शक्ति निहित होती है, इसलिये नवग्रहों से उत्पन्न दोष इसे धारण करने मात्र से शांत होते हैं। यह रूद्राक्ष कठिन से कठिन परिस्थितियों में धारण करने वाले का मार्गदर्शन करता है। जो व्यक्ति इस रूद्राक्ष को कंठ के मध्य में धारण करते हैं, वह सर्वत्र पूजित होते हैं, और अंत समय वे स्वर्ग को प्राप्त होते हैं। चमड़ी के जटिल से जटिल रोगों को दूर करने की इसमें शक्ति है। धारक को आत्मरक्षा करने में समर्थ बनाता है। यह रूद्राक्ष धारक को हानि, दुर्घटना, जटिल रोग, आर्थिक चिन्ता से मुक्त रखकर धारक को सुरक्षा-समृद्धि देता है। वैसे तो यह रूद्राक्ष सभी जटिल रोगों को दूर करने वाला माना गया है, फिर भी Dr.R.B.Dhawan के अनुभव अनुसार इस रूद्राक्ष में पौरुष रोग को दूर करने की महान शक्ति है। इसी लिए दुर्बल पुरुष के लिए अधिक महत्त्वपूर्ण माना गया है, और इसीलिये इस की मांग अधिक होने से यह अधिक मूल्यावान भी होता है। वैसे भी यह रूद्राक्ष बहुत ही कम मात्रा में उत्पन्न होता है, और इसकी मांग इसकी उपलब्धता से कहीं अधिक है। पंद्रहमुखी रूद्राक्ष स्वास्थ्य लाभ, रोगमुक्ति और शारीरिक तथा मानसिक-व्यापारिक उन्नति में सहायक होता है। धारण करने पर आध्यात्मिक तथा भौतिक सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। इस रूद्राक्ष को धारण करने से शत्रुओं का नाश होता है, इस लिए यह रूद्राक्ष त्रिकाल सुखदायक है, यह समस्त रोगों का हरण करने वाला, सदैव आरोग्य प्रदान करने वाला है। इसके धारण करने से कुल की मर्यादा और कुल वृद्धि अवश्य होती है। इससे बल और उत्साह का वर्धन होता है, और निर्भयता प्राप्त होती है, तथा संकट काल में सरंक्षण भी प्राप्त होता है। पंद्रहमुखी रूद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति सदा सही निर्णय लेता है, और संकटों, कुपरिस्थितियों एवं चिंताओं से छुटकारा पाता है, धारणकर्ता में विशेष ओजस गुणों का विकास होने लगते हैं। यह शास्त्रोक्त सत्य है कि जिसने पंद्रहमुखी रूद्राक्ष धारण कर लिया, उसेे उत्तम संतान की प्राप्ति होती है, और गृहस्थ जीवन भी अच्छा होता है। गर्भपात रूक जाता है, व गुणवान संतान उत्पन्न होती है।

पंद्रहमुखी रूद्राक्ष धारण का मंत्र है- ॐ पशुपतय नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करते हुए धारण करें।
लाभ- अलौकिक मार्गदर्शन, जटिल और पौरुष रोगों की शांति।

——————————————————————————–

अधिक जानकारी के लिए अथवा ज्योतिषीय परामर्श के लिए :- गुरू जी के कार्यालय में सम्पर्क करें :- 011-22455184, 09810143516

गुरू जी के लेख देखें :- astroguruji.in, aap ka bhavishya.in, rbdhawan@wordpress.com, guruji ke totke.com.

Astrological products and astrology course के लिए विजिट कीजिए :- http://www.shukracharya.com

Advertisements

गणेश रूद्राक्ष, Ganesh Rudraksh

गणेश रूद्राक्ष – Ganesh Rudraksh nepal, Ganesh Rudraksh Original Nepal,

Dr.R.R.Dhawan – astrological consultant, top best astrologer in Delhi,

गणेश रूद्राक्ष की पहचान यह है कि उस पर प्राकृतिक रूप से एक उभरी हुई सूंड की आकृति बनी रहती है, जैसा कि भगवान गणेश के मुख पर होती है।

सृष्टि का नियम है कि हमेशा से पढ़ने लिखने का युग रहा है, जिसके पास विद्या है, वह सम्माननीय होता है, एवं जिसके पास ज्ञान है वही पूजनीय होता है। समाज में लोग उसे आदर की दृष्टि से देखते हैं, Ganesh Rudraksha की यह विशेषता है की पढ़ने-लिखने वालों के लिये यह वरदान साबित होता है, तथा बच्चों के लिये भी अद्भुत रूप से लाभदायक होता है। आसुर गुरु shukracharya का कथन है कि गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से स्मरण शक्ति तीव्र होती है, इस विषय में Dr.R.B.Dhawan का मानना है कि ganesh Rudraksha को धारण करने से विद्यार्थी को पढ़ा-लिखा याद रहता है, तथा बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है, जिससे कि वह अच्छे अंकों से पास हो सकते हैं, तथा प्रतियोगिता परीक्षा में भी अद्भुत रूप से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

जो बच्चे प्रतियोगिता परीक्षा में या फिर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें गणेश रूद्राक्ष ganesh Rudraksha अवश्य ही धारण करना चाहिये, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुँच सकें, जिससे कि वह अपने जीवन में उच्च पद की प्राप्ति कर सकने में समर्थ हों। Ganesh Rudraksha धारण करने वाले पर श्री गणेश की विशेष अनुकम्पा होती है। धारण करने वाले व्यापारियों को यह बुद्धि, रिद्धि-सिद्धि प्रदान कर व्यापार में आश्चर्यजनक प्रगति देते हैं। यह रूद्राक्ष विघ्न-बाधाओं से रक्षा करता है। गणेश रूद्राक्ष ganesh Rudraksha को धारण करने से धारक का भाग्योदय होता है। सन्तान प्राप्ति में बाधा एवं वैवाहिक विलम्ब दूर हो जाते हैं। गणेश रूद्राक्ष के धारक को इसके चमत्कारी प्रभाव शीघ्र ही दिखाई देते हैं। विघ्न विनाशक गणेश माँ पार्वती एवं देवाधि देव भगवान शंकर की पूर्ण कृपा प्रदायक ये रूद्राक्ष दिव्य है, परम दुर्लभ भी है, विशेष रूप से संतान बाधा child problems एवं पुत्र-पुत्री के विवाह में आ रही बाधा को निश्चित रूप से दूर करके अविलम्ब कार्य सिद्धि प्रदान करता है। यह ‘गणेश रूद्राक्ष’ दुर्लभ होता है। इस रूद्राक्ष में 4, 5, 6, 7 या 8 धारियों के बीच में गणेश जी की शूंड की तरह का आकार बना होता है, अष्टमुखी और एकादश मुखी गणेश रूद्राक्ष का महत्व अधिक है, और इसे विशेष परिस्थितियों में ही धारण किया जाता है। व्यापार के लिए इसे बहुत शुभ मानते हैं। इसलिये यह अष्टमुखी गणेश रूद्राक्ष कहलाता है। इस रूद्राक्ष में अष्टसिद्धियों का एवं अष्टमातृकाओं का वास होता है, एवं नौ ग्रह में राहु देव का प्रतीक होता है, अतः जिस किसी जातक का जब राहु अशुभ हो, अथवा राहु की महादशा चल रही हो, उसे इस अष्टमुखी गणेश रूद्राक्ष को गले में धारण करना चाहिये इससे राहु अनुकूल प्रभाव देने लगता है।

देवगुरु बृहस्पति ओर आसुर गुरु shukracharya के अनुसार – अष्ठ मुखी गणेश रूद्राक्ष अत्यंत ही दुर्लभ एवं अद्भुत रूप से भाग्योदय कारक रूद्राक्ष होता है। अष्टमुखी रूद्राक्ष में गणेश रूद्राक्ष मिलना काफी कठिन होता है, अगर जिस किसी को यह प्राप्त हो जाये तो समझो उसके सौभाग्य का द्वार खोलने से उसे कोई नहीं रोक करता है तथा अद्भुत रूप से भाग्य उसका साथ देने लगता है। गणेश जी की कृपा से धारक को ऋद्धि-सिद्धि, बुद्धि, बल, चतुर्य की प्राप्ति एवं समस्त शत्रुओं का नाश होता है। पर सभी रूद्राक्ष उपलब्ध हैं।

——————————————————————————–

अधिक जानकारी के लिए अथवा ज्योतिषीय परामर्श के लिए :- गुरू जी के कार्यालय में सम्पर्क करें :- 011-22455184, 09810143516

गुरू जी के लेख देखें :- astroguruji.in, aap ka bhavishya.in, rbdhawan@wordpress.com, guruji ke totke.com.

Astrological products and astrology course के लिए विजिट कीजिए :- http://www.shukracharya.com